सोमवार, 9 फ़रवरी 2026

Daily Current Affairs 09 Feb 2026 (English MCQs for UPSC MPPSC SSC) - G-20

G20 Summit 2025: दक्षिण अफ्रीका में हुआ ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन – पूरी जानकारी

UPSC, SSC, Banking, State PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सरल भाषा में विस्तृत विश्लेषण

🌍 G20 Summit 2025 🇿🇦 South Africa 📅 22–23 November 2025 📍 Johannesburg

G20 Summit 2025 अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना रही। वर्ष 2025 में G20 की अध्यक्षता दक्षिण अफ्रीका के पास थी और Leaders’ Summit का आयोजन 22 और 23 नवंबर 2025 को Johannesburg में हुआ। यह सम्मेलन इसलिए भी ऐतिहासिक रहा क्योंकि पहली बार G20 Leaders’ Summit का आयोजन अफ्रीकी महाद्वीप पर हुआ। आधिकारिक Leaders’ Declaration में सम्मेलन के प्रमुख स्तंभों के रूप में Solidarity, Equality और Sustainability को सामने रखा गया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए G20 केवल एक सामान्य अंतरराष्ट्रीय संगठन का विषय नहीं है। इसके माध्यम से वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, विकासशील देशों की समस्याओं, बहुपक्षीय सहयोग, अफ्रीकी महाद्वीप की भूमिका और भारत की विदेश नीति जैसे कई विषयों को एक साथ समझा जा सकता है।

G20 क्या है?

G20 का पूरा नाम Group of Twenty है। यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच है। इसका उद्देश्य किसी एक विषय पर बाध्यकारी संधि बनाना नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर सहयोग तथा संवाद को बढ़ावा देना है। समय के साथ इसका एजेंडा अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, ऊर्जा, स्वास्थ्य, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अन्य वैश्विक मुद्दों तक विस्तृत हुआ है।

G20 की शुरुआत 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई थी। शुरुआत में यह मुख्य रूप से वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के स्तर पर काम करता था। वर्ष 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद G20 नेताओं के स्तर पर इसका महत्व तेजी से बढ़ा और Leaders’ Summit इसका प्रमुख हिस्सा बन गया।

📌 परीक्षा के लिए याद रखें:
G20 का मूल फोकस वैश्विक आर्थिक और वित्तीय सहयोग से जुड़ा रहा है, लेकिन वर्तमान में इसका एजेंडा काफी व्यापक है।

G20 के सदस्य कौन-कौन हैं?

G20 की संरचना को समझना प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें 19 देश और दो क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं। European Union पहले से G20 का सदस्य है और African Union को 2023 में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया।

श्रेणी सदस्य
देश Argentina, Australia, Brazil, Canada, China, France, Germany, India, Indonesia, Italy, Japan, Mexico, Russia, Saudi Arabia, South Africa, South Korea, Türkiye, United Kingdom और United States
क्षेत्रीय संगठन European Union और African Union

यहां एक महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य यह है कि नाम में “Twenty” होने के बावजूद वर्तमान संरचना को केवल 20 देशों के समूह के रूप में समझना सही नहीं होगा। इसमें 19 देश तथा दो क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं।

G20 में African Union का महत्व

African Union का G20 में स्थायी सदस्य बनना वैश्विक शासन में अफ्रीकी देशों की आवाज को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान 2023 में African Union को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था।

इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि अफ्रीकी देशों के सामने विकास, खाद्य सुरक्षा, ऋण, ऊर्जा, स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। African Union की स्थायी भागीदारी से इन मुद्दों को G20 जैसे बड़े वैश्विक मंच पर अधिक मजबूती से उठाने का अवसर मिलता है।

G20 Summit 2025 की मेजबानी किसने की?

यह प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सीधे पूछा जा सकता है। G20 Summit 2025 की मेजबानी South Africa ने की। Leaders’ Summit का आयोजन Johannesburg में 22 और 23 नवंबर 2025 को हुआ। आधिकारिक घोषणा के अनुसार यह G20 Leaders’ Summit का अफ्रीकी महाद्वीप पर पहला आयोजन था।

यहां विद्यार्थियों को एक आम भ्रम से बचना चाहिए। Brazil ने 2024 में G20 Presidency संभाली थी और 2024 का Leaders’ Summit Brazil में हुआ था। लेकिन 2025 की G20 Presidency South Africa के पास थी और 2025 का Summit Johannesburg में आयोजित हुआ।

⚠️ Important Current Affairs Correction:
G20 Summit 2025 = South Africa
2025 Summit Venue = Johannesburg
Summit Dates = 22–23 November 2025
विशेषता = अफ्रीकी महाद्वीप पर पहला G20 Leaders’ Summit

G20 2025 की थीम और मुख्य विचार

दक्षिण अफ्रीका की G20 Presidency ने अपनी प्राथमिकताओं को Solidarity, Equality और Sustainability जैसे व्यापक विचारों से जोड़ा। इसका उद्देश्य ऐसी वैश्विक व्यवस्था पर जोर देना था जिसमें विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंताओं को भी पर्याप्त महत्व मिले।

इन तीन शब्दों को केवल याद करने के बजाय इनके अर्थ को समझना अधिक उपयोगी है। Solidarity का संबंध साझा चुनौतियों से मिलकर निपटने से है। Equality का संबंध वैश्विक अवसरों और संसाधनों तक अधिक न्यायसंगत पहुंच से है। Sustainability का संबंध आर्थिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी और भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों के साथ संतुलित करने से है।

G20 Summit 2025 का वैश्विक संदर्भ

जब Johannesburg में G20 Leaders’ Summit आयोजित हुआ, तब दुनिया कई तरह की चुनौतियों से गुजर रही थी। अलग-अलग क्षेत्रों में geopolitical tensions, economic uncertainty, inequality, conflicts और climate-related concerns वैश्विक चर्चा का हिस्सा थे। इसलिए G20 का महत्व केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं रहा।

G20 Leaders’ Declaration में वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया। घोषणा में यह विचार सामने आया कि कोई भी देश अलग-थलग रहकर सभी वैश्विक समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता।

यही कारण है कि G20 को international cooperation के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जाता है। यहां सदस्य देश अलग-अलग राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद साझा मुद्दों पर संवाद कर सकते हैं।

Solidarity का अर्थ और महत्व

Solidarity अर्थात एकजुटता G20 2025 के प्रमुख विचारों में से एक रहा। आज की अर्थव्यवस्था इतनी interconnected हो चुकी है कि एक देश में उत्पन्न संकट दूसरे देशों पर भी असर डाल सकता है। उदाहरण के लिए ऊर्जा कीमतों में बदलाव, supply chain disruptions या वैश्विक वित्तीय अस्थिरता का प्रभाव कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।

ऐसी स्थिति में देशों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण हो जाता है। विकासशील देशों के लिए वित्तीय संसाधन, तकनीक और क्षमता निर्माण विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसलिए G20 जैसे मंचों पर solidarity का विचार वैश्विक विकास के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

Equality यानी समानता क्यों महत्वपूर्ण है?

वैश्विक अर्थव्यवस्था में सभी देशों की परिस्थितियां समान नहीं हैं। कुछ देशों के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन और तकनीकी क्षमता है, जबकि कई विकासशील देशों को ऋण, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

G20 के संदर्भ में equality का अर्थ यह है कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में विकासशील देशों की जरूरतों और आवाज को भी पर्याप्त महत्व मिले। खासकर Global South से जुड़े मुद्दे इस संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

Sustainability और Climate Change

जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक नीति का एक प्रमुख विषय है। बढ़ता तापमान, extreme weather events, जल संकट, biodiversity loss और कृषि पर दबाव जैसी समस्याएं कई देशों के लिए गंभीर चुनौती बन रही हैं।

G20 जैसे मंच पर climate action का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के निर्णय वैश्विक ऊर्जा और निवेश व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। Sustainable development का लक्ष्य यह है कि आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे।

विकासशील देशों के लिए climate finance विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्हें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए adaptation और mitigation दोनों क्षेत्रों में वित्तीय तथा तकनीकी सहायता की आवश्यकता होती है।

वैश्विक आर्थिक सहयोग में G20 की भूमिका

G20 की स्थापना का मूल आधार आर्थिक और वित्तीय सहयोग रहा है। इसलिए global economy से जुड़े मुद्दे आज भी इसके एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। Inflation, debt sustainability, financial stability, investment और economic growth जैसे विषयों पर सदस्य देश चर्चा करते हैं।

आज global supply chains भी आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। किसी एक क्षेत्र में उत्पादन या परिवहन में बाधा आने पर उसका प्रभाव कई देशों के उद्योगों पर पड़ सकता है। इसलिए resilient supply chains पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।

विकासशील देशों के लिए G20 क्यों महत्वपूर्ण है?

G20 में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ कई emerging economies भी शामिल हैं। इससे विकासशील देशों की चिंताओं को वैश्विक आर्थिक चर्चा में स्थान मिलता है।

Debt burden, food security, energy access, infrastructure finance और climate finance जैसे मुद्दे कई developing countries के लिए महत्वपूर्ण हैं। G20 के माध्यम से इन समस्याओं पर सामूहिक चर्चा और नीति सहयोग की संभावनाएं बढ़ती हैं।

भारत और G20

भारत G20 का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और वैश्विक आर्थिक तथा कूटनीतिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता है। भारत ने 2023 में G20 Presidency संभाली थी और New Delhi में Leaders’ Summit आयोजित किया था। उस दौरान African Union को G20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया, जो Global South की भागीदारी के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम था।

भारत के लिए G20 एक ऐसा मंच है जहां वह climate justice, digital public infrastructure, inclusive growth, development finance और Global South से जुड़े मुद्दों को सामने रख सकता है।

भारत की G20 भूमिका को समझते समय विद्यार्थियों को केवल 2023 Summit याद नहीं रखना चाहिए। भारत की G20 में निरंतर भागीदारी और विभिन्न working groups में सक्रियता भी महत्वपूर्ण है।

G20 और Global South

Global South शब्द का उपयोग सामान्यतः एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अन्य विकासशील क्षेत्रों की आर्थिक तथा विकास संबंधी चिंताओं को संदर्भित करने के लिए किया जाता है। G20 में इन देशों की आवाज को मजबूत करने का महत्व हाल के वर्षों में बढ़ा है।

South Africa की Presidency में अफ्रीकी महाद्वीप की प्राथमिकताओं को विशेष महत्व मिलना इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा सकता है। अफ्रीकी देशों के लिए infrastructure, energy access, food security, debt और climate change जैसे मुद्दे बहुत महत्वपूर्ण हैं।

G20 और खाद्य सुरक्षा

Food security भी वैश्विक नीति का एक महत्वपूर्ण विषय है। युद्ध, जलवायु परिवर्तन, सूखा, बाढ़, supply chain disruptions और input costs में बदलाव खाद्य कीमतों तथा उपलब्धता को प्रभावित कर सकते हैं।

कृषि पर निर्भर बड़ी आबादी वाले देशों के लिए food security केवल आर्थिक विषय नहीं बल्कि सामाजिक स्थिरता का भी विषय है। इसलिए G20 में sustainable agriculture, resilient food systems और वैश्विक सहयोग जैसे विषय महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

G20 और ऊर्जा सुरक्षा

ऊर्जा की कीमतें और उपलब्धता वैश्विक अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित करती हैं। तेल और गैस की कीमतों में बदलाव से transportation, manufacturing और household expenditure पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर renewable energy की ओर संक्रमण भी लंबे समय में महत्वपूर्ण है।

इसलिए energy security और clean energy transition के बीच संतुलन बनाना G20 देशों के लिए एक महत्वपूर्ण नीति चुनौती है। विकासशील देशों के लिए affordable और reliable energy access भी उतना ही जरूरी है।

Digital Economy और Technology

Digital transformation ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को तेजी से बदला है। Digital payments, artificial intelligence, cloud computing, digital public infrastructure और data-driven services ने नए अवसर पैदा किए हैं। लेकिन इसके साथ cybersecurity, privacy और digital divide जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं।

G20 में digital economy पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है कि technology का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके और डिजिटल विकास के साथ जिम्मेदार governance भी विकसित हो।

भारत का Digital Public Infrastructure अनुभव इस संदर्भ में विशेष रूप से उल्लेखनीय है। भारत ने digital identity, digital payments और public digital platforms के माध्यम से बड़े पैमाने पर डिजिटल सेवाओं के विस्तार का अनुभव प्राप्त किया है।

G20 का भारत के लिए आर्थिक महत्व

भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए G20 वैश्विक निवेश, trade cooperation और policy coordination के संदर्भ में महत्वपूर्ण मंच है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय आर्थिक निर्णयों में उसकी भागीदारी भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।

G20 के माध्यम से भारत विकसित और विकासशील देशों के बीच संवाद में योगदान दे सकता है। साथ ही infrastructure, technology, climate finance और inclusive development जैसे विषयों पर अपने अनुभव और प्राथमिकताएं साझा कर सकता है।

G20 Presidency कैसे काम करती है?

G20 की Presidency स्थायी रूप से किसी एक देश के पास नहीं रहती। यह सदस्य देशों के बीच rotation के आधार पर बदलती है। जिस देश के पास Presidency होती है, वह पूरे वर्ष की बैठकों और agenda-setting में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और अंत में Leaders’ Summit की मेजबानी करता है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि Presidency वाला देश अकेले G20 के सभी फैसले तय करता है। G20 की प्रक्रिया में सदस्य देशों के बीच consultation और negotiation महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

G20 में Sherpa Track और Finance Track

G20 की कार्यप्रणाली को समझने के लिए दो प्रमुख tracks याद रखना उपयोगी है—Sherpa Track और Finance Track।

Sherpa Track

Sherpa Track में development, climate, health, education, agriculture, digital economy जैसे व्यापक policy issues पर चर्चा होती है। सदस्य देश अपने प्रतिनिधियों यानी Sherpas के माध्यम से negotiations में भाग लेते हैं।

Finance Track

Finance Track का संबंध global economy, financial stability, taxation, international financial architecture और अन्य आर्थिक मुद्दों से होता है। इसमें finance ministers और central bank governors की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

🎯 Exam Trick:
Sherpa Track = व्यापक नीति और विकास संबंधी मुद्दे
Finance Track = अर्थव्यवस्था और वित्तीय मुद्दे

G20 और International Financial Institutions

वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में IMF और World Bank जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। G20 इन संस्थाओं के साथ वैश्विक आर्थिक व्यवस्था से जुड़े विषयों पर संवाद करता है। विशेष रूप से developing countries के debt और development finance से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।

आज global financial architecture में सुधार की मांग भी चर्चा का विषय है। विकासशील देशों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की governance और financing mechanisms को वर्तमान वैश्विक आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप अधिक representative बनाया जाना चाहिए।

G20 और Multilateralism

Multilateralism का अर्थ है कि कई देश साझा समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करें। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इसका महत्व बढ़ गया है क्योंकि climate change, pandemics, cyber threats, financial instability और supply chain disruptions किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं रहते।

G20 इसी प्रकार के multilateral cooperation का एक महत्वपूर्ण मंच है। हालांकि G20 के निर्णय सामान्यतः राजनीतिक और नीतिगत सहमति पर आधारित होते हैं और हर विषय पर सभी देशों के विचार समान हों, यह जरूरी नहीं है। फिर भी संवाद का मंच उपलब्ध होना स्वयं महत्वपूर्ण है।

G20 Summit 2025 की ऐतिहासिक विशेषता

2025 का Johannesburg Summit एक विशेष कारण से इतिहास में महत्वपूर्ण रहेगा। यह अफ्रीकी महाद्वीप पर आयोजित पहला G20 Leaders’ Summit था। इससे अफ्रीका के विकास और वैश्विक शासन में उसकी भूमिका पर ध्यान और बढ़ा।

South Africa की Presidency ने अफ्रीका और Global South की प्राथमिकताओं को G20 की चर्चा के केंद्र में लाने का प्रयास किया। यह वैश्विक governance को अधिक inclusive बनाने की व्यापक बहस से जुड़ा हुआ विषय है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए G20 2025 क्यों महत्वपूर्ण है?

UPSC, SSC, Banking, State PCS और अन्य परीक्षाओं में G20 से प्रश्न कई तरीकों से पूछे जा सकते हैं। एक प्रश्न सीधे पूछा जा सकता है कि 2025 Summit की मेजबानी किस देश ने की। दूसरा प्रश्न Summit के स्थान या तारीख पर हो सकता है। इसके अलावा African Union, G20 membership, Presidency rotation, Sherpa Track और Finance Track से भी प्रश्न बन सकते हैं।

UPSC जैसी परीक्षा में केवल factual question ही नहीं बल्कि analytical question भी बन सकता है। उदाहरण के लिए पूछा जा सकता है कि G20 Global South की आवाज को मजबूत करने में कैसे योगदान दे सकता है या climate finance और development finance के संदर्भ में G20 की भूमिका क्या है।

G20 2025 से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में

तथ्य उत्तर
G20 का पूरा नाम Group of Twenty
2025 G20 Presidency South Africa
2025 Leaders’ Summit Johannesburg
Summit की तारीख 22–23 November 2025
2025 Summit की विशेषता अफ्रीकी महाद्वीप पर पहला G20 Leaders’ Summit
African Union की स्थायी सदस्यता 2023 में G20 में शामिल
भारत की G20 Presidency 2023
मुख्य कार्यक्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था, वित्तीय सहयोग और व्यापक वैश्विक मुद्दे

विद्यार्थियों को किन गलतियों से बचना चाहिए?

Current Affairs पढ़ते समय सबसे बड़ी समस्या अक्सर information की कमी नहीं बल्कि गलत information होती है। G20 के मामले में 2024 और 2025 की Presidency को लेकर भ्रम हो सकता है। इसलिए year और host country को साथ में याद करना चाहिए।

दूसरी आम गलती G20 को केवल “20 देशों का संगठन” मान लेना है। वर्तमान सदस्यता संरचना में 19 देश और European Union तथा African Union जैसे दो regional bodies शामिल हैं।

तीसरी गलती G20 को United Nations जैसी treaty-based international organisation समझना है। G20 एक प्रमुख international forum है, जिसका मुख्य उद्देश्य संवाद और policy coordination है।

G20 2025: UPSC के लिए संभावित Analytical Points

  • Global South की बढ़ती भूमिका और representation
  • African Union की G20 में स्थायी सदस्यता
  • Climate finance और sustainable development
  • Global financial architecture में सुधार
  • Developing countries की debt challenges
  • Food और energy security
  • Digital transformation और responsible technology governance
  • Multilateralism और global cooperation

निष्कर्ष

G20 Summit 2025 केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं था, बल्कि यह बदलती हुई वैश्विक व्यवस्था को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। South Africa की Presidency और Johannesburg में आयोजित Summit ने अफ्रीकी महाद्वीप तथा Global South से जुड़े मुद्दों को विशेष महत्व दिया। Solidarity, Equality और Sustainability जैसे विचारों के माध्यम से वैश्विक सहयोग, समानता और टिकाऊ विकास पर जोर दिखाई देता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए इस पूरे विषय का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा केवल यह याद रखना नहीं है कि 2025 में Summit कहां हुआ। असली तैयारी तब होगी जब विद्यार्थी G20 की उत्पत्ति, सदस्यता, Presidency system, African Union की भूमिका, India की G20 Presidency, Global South, climate change, economic cooperation और multilateralism को आपस में जोड़कर समझेंगे।

अगर आप UPSC, SSC, PCS या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो G20 2025 को International Relations, Economy और Current Affairs—तीनों के साथ जोड़कर पढ़ना ज्यादा उपयोगी रहेगा। इससे एक ही topic से कई संभावित प्रश्नों की तैयारी हो सकती है।

📝 G20 Summit 2025 – महत्वपूर्ण MCQs

नीचे दिए गए प्रश्न ऊपर पढ़े गए article पर आधारित हैं। पहले स्वयं उत्तर देने का प्रयास करें, फिर explanation देखें।

प्रश्न 1. G20 Summit 2025 की मेजबानी किस देश ने की?

A. Brazil
B. India
C. South Africa
D. Indonesia
✅ सही उत्तर: C. South Africa
2025 में G20 Presidency South Africa के पास थी और Leaders’ Summit Johannesburg में आयोजित हुआ।

प्रश्न 2. G20 Leaders’ Summit 2025 का आयोजन किस शहर में हुआ?

A. Cape Town
B. Johannesburg
C. Pretoria
D. Durban
✅ सही उत्तर: B. Johannesburg
G20 Leaders’ Summit 2025 का आयोजन Johannesburg, South Africa में 22–23 November 2025 को हुआ।

प्रश्न 3. 2025 का G20 Leaders’ Summit किस दृष्टि से ऐतिहासिक था?

A. पहली बार Asia में हुआ
B. पहली बार Africa में हुआ
C. पहली बार Europe में हुआ
D. पहली बार America में हुआ
✅ सही उत्तर: B. पहली बार Africa में हुआ
Johannesburg Summit G20 Leaders’ Summit का अफ्रीकी महाद्वीप पर पहला आयोजन था।

प्रश्न 4. African Union को G20 के स्थायी सदस्य के रूप में कब शामिल किया गया?

A. 2021
B. 2022
C. 2023
D. 2025
✅ सही उत्तर: C. 2023
भारत की G20 Presidency के दौरान 2023 में African Union को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया।

प्रश्न 5. G20 का मूल गठन किस वर्ष हुआ था?

A. 1991
B. 1995
C. 1999
D. 2008
✅ सही उत्तर: C. 1999
G20 का गठन 1999 में एशियाई वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि में हुआ था।

प्रश्न 6. G20 की कार्यप्रणाली में Finance Track मुख्य रूप से किससे संबंधित है?

A. खेल और संस्कृति
B. आर्थिक और वित्तीय मुद्दे
C. केवल स्वास्थ्य नीति
D. केवल रक्षा नीति
✅ सही उत्तर: B. आर्थिक और वित्तीय मुद्दे
Finance Track में global economy, financial stability, taxation और international financial issues जैसे विषयों पर चर्चा होती है।

प्रश्न 7. G20 में Sherpa Track मुख्यतः किस प्रकार के विषयों पर चर्चा करता है?

A. केवल मुद्रा नीति
B. व्यापक विकास और नीति संबंधी विषय
C. केवल सैन्य गठबंधन
D. केवल व्यापार शुल्क
✅ सही उत्तर: B. व्यापक विकास और नीति संबंधी विषय
Sherpa Track में climate, health, development, digital economy और अन्य व्यापक policy issues पर चर्चा होती है।

प्रश्न 8. निम्न में से कौन-सा G20 2025 के प्रमुख विचारों से संबंधित था?

A. Solidarity
B. Equality
C. Sustainability
D. उपरोक्त सभी
✅ सही उत्तर: D. उपरोक्त सभी
South Africa की G20 Presidency के संदर्भ में Solidarity, Equality और Sustainability प्रमुख pillars के रूप में सामने आए।

प्रश्न 9. भारत ने G20 Presidency किस वर्ष संभाली थी?

A. 2021
B. 2022
C. 2023
D. 2024
✅ सही उत्तर: C. 2023
भारत ने 2023 में G20 Presidency संभाली थी और New Delhi में Leaders’ Summit आयोजित किया था।

प्रश्न 10. G20 का प्रमुख उद्देश्य किससे सबसे अधिक संबंधित है?

A. वैश्विक आर्थिक और वित्तीय सहयोग
B. सैन्य गठबंधन बनाना
C. केवल अंतरिक्ष अनुसंधान
D. केवल खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करना
✅ सही उत्तर: A. वैश्विक आर्थिक और वित्तीय सहयोग
G20 का मूल आधार प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक और वित्तीय सहयोग है, हालांकि वर्तमान में इसका एजेंडा कई अन्य वैश्विक मुद्दों तक विस्तृत हो चुका है।
🎯 अंतिम परीक्षा नोट:

G20 2025 → South Africa
Summit Venue → Johannesburg
Dates → 22–23 November 2025
Historical Point → अफ्रीकी महाद्वीप पर पहला G20 Leaders’ Summit
India G20 Presidency → 2023
African Union → 2023 में स्थायी सदस्य
Major 2025 Pillars → Solidarity, Equality, Sustainability
आधिकारिक संदर्भ: G20 South Africa 2025 Leaders’ Declaration.